पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर निर्माण कार्यों का प्रभाव


MCQs: पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर निर्माण कार्यों का प्रभाव
1. निर्माण कार्यों से उत्पन्न होने वाला प्रमुख वायु प्रदूषक कौन सा है?
a) नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx)
b) सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10)
c) ओजोन (O3)
d) लेड (Pb)
सही उत्तर: b) सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10)
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण कार्यों में भू-उत्खनन, डीजल वाहनों और मशीनों का उपयोग, और विध्वंस से धूल और सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) उत्पन्न होते हैं, जो वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत हैं। दिल्ली में हुए शोध के अनुसार, ये कण वायु प्रदूषण का लगभग 30% हिस्सा हैं।
2. दिल्ली में निर्माण कार्यों से PM2.5 के स्तर में कितना योगदान होता है?
a) 5%
b) 10%
c) 20%
d) 30%
सही उत्तर: b) 10%
स्पष्टीकरण: लेख में उल्लेख है कि IIT कानपुर के शोध के अनुसार, निर्माण कार्यों से उत्पन्न धूल PM2.5 के स्तर को 10% तक बढ़ा देती है, जो वायु गुणवत्ता को खराब करता है।
3. निर्माण कार्यों से जल प्रदूषण का प्रमुख स्रोत क्या है?
a) प्लास्टिक कचरा
b) सीमेंट, पेंट और रासायनिक अपशिष्ट
c) खाद्य अपशिष्ट
d) कागज और कार्डबोर्ड
सही उत्तर: b) सीमेंट, पेंट और रासायनिक अपशिष्ट
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण स्थलों से निकलने वाले तरल अपशिष्ट जैसे सीमेंट, पेंट, और रसायन जल निकायों में प्रवेश करते हैं, जिससे जल प्रदूषण होता है। यह गंगा जैसे जल स्रोतों को प्रभावित करता है।
4. निर्माण कार्यों से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण का स्तर कितना हो सकता है?
a) 50-60 डेसिबल
b) 60-70 डेसिबल
c) 80-100 डेसिबल
d) 100-120 डेसिबल
सही उत्तर: c) 80-100 डेसिबल
स्पष्टीकरण: लेख में बताया गया है कि निर्माण उपकरणों और गतिविधियों (जैसे ड्रिलिंग, खुदाई) से उत्पन्न शोर 80-100 डेसिबल तक हो सकता है, जो सुनने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
5. निर्माण कार्यों से मृदा प्रदूषण का क्या प्रभाव पड़ता है?
a) मृदा की उर्वरता बढ़ती है
b) मृदा की उर्वरता में कमी आती है
c) मृदा का रंग बदलता है
d) मृदा में जल की मात्रा बढ़ती है
सही उत्तर: b) मृदा की उर्वरता में कमी आती है
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण कार्यों में उत्खनन, अपशिष्ट डंपिंग, और रसायनों का उपयोग मृदा प्रदूषण का कारण बनता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है और कृषि उत्पादकता प्रभावित होती है।
6. भारत में निर्माण कार्यों से जैव विविधता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
a) वन्यजीवों की प्रजातियाँ बढ़ती हैं
b) वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं
c) वन्यजीवों की प्रजातियाँ स्थिर रहती हैं
d) वन्यजीवों का स्वास्थ्य बेहतर होता है
सही उत्तर: b) वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं
स्पष्टीकरण: लेख में उल्लेख है कि निर्माण कार्यों के लिए भूमि साफ करने और वनों की कटाई से वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं, जिससे भारत की जैव विविधता, जैसे 7.6% स्तनपायी और 12.6% पक्षी प्रजातियाँ, खतरे में पड़ती हैं।
7. निर्माण कार्यों से होने वाली श्वसन संबंधी समस्याओं का प्रमुख कारण क्या है?
a) जल प्रदूषण
b) धूल और PM2.5 कण
c) रासायनिक गंध
d) उच्च तापमान
सही उत्तर: b) धूल और PM2.5 कण
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल और PM2.5 कण श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, और फेफड़ों के कैंसर जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
8. ध्वनि प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य पर कौन सा प्रभाव नहीं पड़ता?
a) सुनने की क्षमता में कमी
b) उच्च रक्तचाप
c) अनिद्रा और तनाव
d) हड्डियों का कमजोर होना
सही उत्तर: d) हड्डियों का कमजोर होना
स्पष्टीकरण: लेख में बताया गया है कि ध्वनि प्रदूषण से सुनने की क्षमता में कमी, उच्च रक्तचाप, अनिद्रा, और तनाव जैसी समस्याएँ होती हैं। हड्डियों का कमजोर होना ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नहीं है।
9. गंगा नदी में जल प्रदूषण का क्या प्रभाव पड़ता है?
a) मछलियों की प्रजातियाँ बढ़ती हैं
b) जलीय जीवों और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है
c) जल की गुणवत्ता में सुधार होता है
d) नदी का प्रवाह तेज होता है
सही उत्तर: b) जलीय जीवों और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण स्थलों से निकलने वाले रासायनिक कचरे और अपशिष्ट जल गंगा जैसे जल स्रोतों को दूषित करते हैं, जिससे मछलियों और जलीय जीवों की प्रजातियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और मानव स्वास्थ्य को जलजनित रोगों का खतरा बढ़ता है।
10. निर्माण कार्यों से होने वाले मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण क्या है?
a) जल प्रदूषण
b) ध्वनि प्रदूषण और दैनिक जीवन में बाधा
c) मृदा प्रदूषण
d) जैव विविधता हानि
सही उत्तर: b) ध्वनि प्रदूषण और दैनिक जीवन में बाधा
स्पष्टीकरण: लेख में बताया गया है कि ध्वनि प्रदूषण और निर्माण कार्यों से उत्पन्न बाधाएँ (जैसे ट्रैफिक जाम, सड़क बंद होना) मानसिक तनाव, अनिद्रा, चिंता, और अवसाद का कारण बनते हैं।
11. भारत में निर्माण कार्यों से उत्पन्न अपशिष्ट की मात्रा कितनी है?
a) 1 लाख टन प्रति वर्ष
b) 5 लाख टन प्रति वर्ष
c) 10 लाख टन प्रति वर्ष
d) 20 लाख टन प्रति वर्ष
सही उत्तर: c) 10 लाख टन प्रति वर्ष
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रति वर्ष 10 लाख टन अपशिष्ट उत्पन्न करता है, जो मृदा प्रदूषण और पर्यावरणीय हानि का कारण बनता है।
12. निर्माण कार्यों से जलवायु परिवर्तन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
a) वैश्विक तापमान में कमी
b) CO2 उत्सर्जन में वृद्धि
c) जल स्तर में वृद्धि
d) वायु गुणवत्ता में सुधार
सही उत्तर: b) CO2 उत्सर्जन में वृद्धि
स्पष्टीकरण: लेख में उल्लेख है कि सीमेंट और स्टील उत्पादन से भारी मात्रा में CO2 उत्सर्जन होता है, जो ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देता है।
13. WHO के अनुसार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार से भारत में कितने प्रकार की बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है?
a) 10
b) 15
c) 22
d) 30
सही उत्तर: c) 22
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, WHO का कहना है कि बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से भारत में 22 प्रकार की जलजनित और अन्य बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
14. निर्माण कार्यों से होने वाली सामाजिक समस्याओं में शामिल है:
a) स्थानीय व्यवसायों में वृद्धि
b) यातायात और दैनिक जीवन में बाधा
c) सामुदायिक एकता में वृद्धि
d) शिक्षा में सुधार
सही उत्तर: b) यातायात और दैनिक जीवन में बाधा
स्पष्टीकरण: लेख में बताया गया है कि लंबे समय तक चलने वाले निर्माण कार्यों से यातायात, स्थानीय व्यवसाय, और दैनिक जीवन प्रभावित होता है, जिससे सामाजिक और आर्थिक तनाव बढ़ता है।
15. निर्माण कार्यों से होने वाली कृषि उत्पादकता पर प्रभाव का कारण क्या है?
a) मृदा की उर्वरता में वृद्धि
b) मृदा प्रदूषण और कटाव
c) जल की उपलब्धता में वृद्धि
d) जैव विविधता में सुधार
सही उत्तर: b) मृदा प्रदूषण और कटाव
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, मृदा प्रदूषण और कटाव के कारण 2050 तक गेहूं का उत्पादन 6-23% और चावल का उत्पादन 4-6% तक कम हो सकता है।
16. हरित निर्माण तकनीक में क्या शामिल है?
a) अधिक डीजल मशीनों का उपयोग
b) पुनर्चक्रित सामग्री और कम कार्बन उत्सर्जन
c) अधिक रासायनिक अपशिष्ट का उपयोग
d) वनों की कटाई
सही उत्तर: b) पुनर्चक्रित सामग्री और कम कार्बन उत्सर्जन
स्पष्टीकरण: लेख में सुझाव दिया गया है कि हरित निर्माण तकनीक में ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों, जैसे पुनर्चक्रित सामग्री और कम कार्बन उत्सर्जन वाले सीमेंट का उपयोग करना चाहिए।
17. निर्माण कार्यों से होने वाली सुनने की क्षमता में कमी का प्रमुख कारण क्या है?
a) धूल प्रदूषण
b) उच्च डेसिबल शोर
c) रासायनिक गंध
d) जल प्रदूषण
सही उत्तर: b) उच्च डेसिबल शोर
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण उपकरणों से उत्पन्न 80-100 डेसिबल का शोर सुनने की क्षमता में कमी का कारण बनता है।
18. भारत में जैव विविधता के लिए निर्माण कार्यों का सबसे बड़ा खतरा क्या है?
a) वनों की कटाई और भूमि साफ करना
b) जल प्रदूषण
c) ध्वनि प्रदूषण
d) मृदा की उर्वरता में वृद्धि
सही उत्तर: a) वनों की कटाई और भूमि साफ करना
स्पष्टीकरण: लेख में बताया गया है कि निर्माण कार्यों के लिए भूमि साफ करने और वनों की कटाई से वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं, जो भारत की जैव विविधता के लिए खतरा है।
19. निर्माण कार्यों से होने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल नहीं है:
a) अनिद्रा
b) चिंता
c) अवसाद
d) मधुमेह
सही उत्तर: d) मधुमेह
स्पष्टीकरण: लेख में उल्लेख है कि ध्वनि प्रदूषण और दैनिक जीवन में बाधा से अनिद्रा, चिंता, और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं। मधुमेह का संबंध निर्माण कार्यों से नहीं है।
20. निर्माण कार्यों के प्रभाव को कम करने के लिए कौन सा उपाय सुझाया गया है?
a) अधिक डीजल उपकरणों का उपयोग
b) शोर अवरोधक (noise barriers) का उपयोग
c) अधिक रासायनिक अपशिष्ट डंपिंग
d) वनों की कटाई बढ़ाना
सही उत्तर: b) शोर अवरोधक (noise barriers) का उपयोग
स्पष्टीकरण: लेख में सुझाव दिया गया है कि निर्माण स्थलों पर शोर अवरोधक और समयबद्ध कार्य योजनाएँ लागू करके ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है।

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