पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर निर्माण कार्यों का प्रभाव


1. भारत में लंबे समय तक चलने वाले निर्माण कार्यों से होने वाला प्रमुख पर्यावरणीय प्रभाव क्या है?
a) जलवायु में ठंडक बढ़ना
b) वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण
c) मृदा की उर्वरता में वृद्धि
d) जैव विविधता में सुधार  
सही उत्तर: b) वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण कार्यों से वायु प्रदूषण (धूल और PM2.5), जल प्रदूषण (सीमेंट और रासायनिक अपशिष्ट), और ध्वनि प्रदूषण (80-100 डेसिबल शोर) उत्पन्न होता है, जो पर्यावरण पर प्रमुख प्रभाव डालते हैं।
2. दिल्ली में निर्माण कार्यों से PM2.5 के स्तर में कितना योगदान होता है, जैसा कि IIT कानपुर के शोध में बताया गया है?
a) 5%
b) 10%
c) 15%
d) 20%  
सही उत्तर: b) 10%
स्पष्टीकरण: लेख में उल्लेख है कि IIT कानपुर के शोध के अनुसार, निर्माण कार्यों से उत्पन्न धूल दिल्ली में PM2.5 के स्तर को 10% तक बढ़ा देती है, जो वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
3. निम्नलिखित में से कौन सा निर्माण कार्यों से होने वाला जल प्रदूषण का प्रमुख स्रोत है?
a) प्लास्टिक कचरा
b) सीमेंट, पेंट और रासायनिक अपशिष्ट
c) जैविक कचरा
d) कागज और कार्डबोर्ड  
सही उत्तर: b) सीमेंट, पेंट और रासायनिक अपशिष्ट
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण स्थलों से निकलने वाले तरल अपशिष्ट जैसे सीमेंट, पेंट, और रसायन जल निकायों में प्रवेश करते हैं, जिससे जल प्रदूषण होता है। यह गंगा जैसे जल स्रोतों को प्रभावित करता है।
4. निर्माण कार्यों से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण का स्तर सामान्यतः कितना होता है?
a) 50-60 डेसिबल
b) 80-100 डेसिबल
c) 120-140 डेसिबल
d) 30-40 डेसिबल  
सही उत्तर: b) 80-100 डेसिबल
स्पष्टीकरण: लेख में बताया गया है कि निर्माण उपकरणों और गतिविधियों से उत्पन्न शोर 80-100 डेसिबल तक होता है, जो सुनने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा निर्माण कार्यों से होने वाला मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव नहीं है?
a) श्वसन संबंधी समस्याएँ
b) सुनने की क्षमता में कमी
c) अनिद्रा और तनाव
d) मांसपेशियों में वृद्धि  
सही उत्तर: d) मांसपेशियों में वृद्धि
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण कार्यों से धूल (PM2.5) के कारण श्वसन समस्याएँ, उच्च डेसिबल शोर से सुनने की हानि, और ध्वनि प्रदूषण से अनिद्रा और तनाव होता है। मांसपेशियों में वृद्धि का इससे कोई संबंध नहीं है।
6. भारत में निर्माण कार्यों से उत्पन्न अपशिष्ट की अनुमानित मात्रा प्रति वर्ष कितनी है?
a) 1 लाख टन
b) 5 लाख टन
c) 10 लाख टन
d) 15 लाख टन  
सही उत्तर: c) 10 लाख टन
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रति वर्ष 10 लाख टन अपशिष्ट उत्पन्न करता है, जो मृदा प्रदूषण और पर्यावरणीय हानि का कारण बनता है।
7. निर्माण कार्यों से जैव विविधता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
a) वन्यजीवों की प्रजातियाँ बढ़ती हैं
b) वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं
c) जलीय जीवों की संख्या बढ़ती है
d) वन क्षेत्रों में सुधार होता है  
सही उत्तर: b) वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं
स्पष्टीकरण: लेख में बताया गया है कि निर्माण कार्यों के लिए भूमि साफ करने और वनों की कटाई से वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं, जिससे भारत की जैव विविधता (7.6% स्तनपायी, 12.6% पक्षी प्रजातियाँ) खतरे में पड़ती है।
8. निम्नलिखित में से कौन सा उपाय निर्माण कार्यों के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए सुझाया गया है?
a) अधिक डीजल मशीनों का उपयोग
b) हरित निर्माण तकनीकों का उपयोग
c) अधिक रासायनिक अपशिष्ट डंपिंग
d) वनों की कटाई बढ़ाना  
सही उत्तर: b) हरित निर्माण तकनीकों का उपयोग
स्पष्टीकरण: लेख में सुझाव दिया गया है कि हरित निर्माण तकनीकें, जैसे पुनर्चक्रित सामग्री और कम कार्बन उत्सर्जन वाले सीमेंट का उपयोग, पर्यावरणीय प्रभाव को कम कर सकती हैं।
9. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन से भारत में कितने प्रकार की बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है?
a) 10
b) 15
c) 22
d) 30  
सही उत्तर: c) 22
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, WHO का कहना है कि बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से भारत में 22 प्रकार की जलजनित और अन्य बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
10. निर्माण कार्यों से होने वाली श्वसन समस्याओं का प्रमुख कारण क्या है?
a) जल प्रदूषण
b) धूल और PM2.5 कण
c) रासायनिक गंध
d) उच्च तापमान  
सही उत्तर: b) धूल और PM2.5 कण
स्पष्टीकरण: लेख के अनुसार, निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल और PM2.5 कण श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, और फेफड़ों के कैंसर जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

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